मंत्र · Narasimha

Narasimha Mantra (Om Ugram Viram Mahavishnum)

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥

Om Ugram Viram Mahavishnum Jvalantam Sarvatomukham Nrisimham Bhishanam Bhadram Mrityu-mrityum Namamyaham

॥ ॐ ॥

अर्थ

मैं उस उग्र, वीर, महाविष्णु स्वरूप नृसिंह को नमन करता हूँ, जो प्रज्वलित हैं, सभी दिशाओं में मुख वाले हैं, भयंकर होते हुए भी कल्याणकारी हैं, और जो स्वयं मृत्यु के लिए भी मृत्यु के समान हैं।

जप विधि

अनुशंसित संख्या: 108 times (1 mala)

मंत्र-जप में संख्या से अधिक महत्वपूर्ण श्रद्धा, स्पष्ट उच्चारण और नियमितता है। शांत स्थान चुनें, आराम से बैठें और अपनी सांस को सहज रहने दें। मंत्र को जल्दी-जल्दी पढ़ने के बजाय उसके शब्दों और भाव पर ध्यान दें। यदि आप नए साधक हैं तो कम संख्या से शुरुआत करके धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ा सकते हैं। परंपराओं में जप की विधि अलग हो सकती है, इसलिए अपने परिवार या गुरु से मिली मर्यादा का सम्मान करें। मंत्र आध्यात्मिक साधना का सहारा है; स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्या में आवश्यक व्यावहारिक सहायता भी अवश्य लें।

इस मंत्र का पारंपरिक संदर्भ, संस्कृत पाठ और अंग्रेज़ी व्याख्या देखने के लिए अंग्रेज़ी पृष्ठ पढ़ें। अन्य देवताओं के मंत्रों के लिए हिंदी मंत्र संग्रह पर जाएँ।

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