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मुलेठी के फायदे: गले और पाचन के लिए पारंपरिक उपयोग

Last updated: August 31, 2026

मुलेठी (यष्टिमधु) अपने सुखदायक गुणों के लिए जानी जाती है। जानें इसके पारंपरिक फायदे, सेवन का तरीका और ज़रूरी सावधानियाँ।

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मुलेठी के फायदे आयुर्वेद में मुख्यतः इसके सुखदायक, कोमल और स्निग्ध गुणों के संदर्भ में बताए जाते हैं। मुलेठी, जिसे संस्कृत में यष्टिमधु (“मीठी छड़ी”) कहा जाता है, एक जड़ है जिसे मधुर रस और शीतल गुण वाली औषधि माना गया है। हिंदी में विस्तृत जानकारी के लिए मुलेठी का हिंदी पृष्ठ और अंग्रेज़ी में मुलेठी (यष्टिमधु) का पूरा पृष्ठ देखें।

मुलेठी के पारंपरिक फायदे

गले के लिए सुखदायक: मुलेठी को पारंपरिक रूप से गले की जलन और सूखी खाँसी में आराम देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

आवाज़ के लिए सहायक: इसे आवाज़ को सहारा देने वाली औषधि माना जाता है, इसीलिए शास्त्रों में इसे गायकों और वक्ताओं के लिए विशेष रूप से सुझाया गया है।

पेट के लिए सुखदायक: मुलेठी पेट की परत को सुखदायक सहारा देने के लिए भी प्रयोग की जाती है, विशेष रूप से हल्की अम्लता में।

सूखी खाँसी में: काढ़े या चाय में मुलेठी मिलाना सूखी, खुजली वाली खाँसी में एक पुराना घरेलू तरीका है।

मुलेठी कैसे लें

मुलेठी को पारंपरिक रूप से चूर्ण के रूप में गर्म पानी या दूध में मिलाकर, काढ़े के रूप में, या सूखी जड़ के छोटे टुकड़ों को सीधे चबाकर गले और आवाज़ के लिए लिया जाता है। यह लोज़ेंज या हर्बल चाय में भी मिलती है। इसके मधुर स्वाद के कारण इसकी थोड़ी मात्रा ही पर्याप्त मानी जाती है।

मुलेठी के बारे में ज़रूरी बातें

मुलेठी को थोड़े समय के लिए, कम मात्रा में लेने वाली औषधि माना जाता है। मुख्य चिंता इसका ग्लिसिरिज़िन तत्व है, जो लंबे समय तक अधिक मात्रा में लेने पर रक्तचाप और पोटैशियम स्तर को प्रभावित कर सकता है। DGL (डीग्लिसिरिज़िनेटेड) मुलेठी में यह तत्व कम कर दिया जाता है और इसे पेट के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

सावधानियाँ

लंबे समय तक अधिक मात्रा में मुलेठी लेने से रक्तचाप बढ़ सकता है और पोटैशियम की कमी हो सकती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। उच्च रक्तचाप, किडनी की समस्या वाले व्यक्तियों और गर्भावस्था में इसे बिना चिकित्सक की सलाह के लंबे समय तक न लें। यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं — किसी भी नई जड़ी-बूटी को शुरू करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

संबंधित जड़ी-बूटियाँ

खाँसी और काढ़े के संदर्भ में मुलेठी को अक्सर अदरक के फायदे और तुलसी के फायदे के साथ पढ़ा जाता है। गर्म मसालेदार चाय के लिए दालचीनी के फायदे भी देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुलेठी के फायदे क्या हैं?

पारंपरिक रूप से मुलेठी को गले की खराश, सूखी खाँसी, आवाज़ को सहारा देने और हल्की अम्लता में आराम के लिए उपयोगी माना जाता है। इसे मधुर और सुखदायक औषधि माना गया है।

मुलेठी कैसे ली जाती है?

चूर्ण के रूप में गर्म पानी या दूध के साथ, काढ़े के रूप में, सूखी जड़ के टुकड़े चबाकर, या लोज़ेंज के रूप में। गले के लिए जड़ का टुकड़ा चूसना एक आम तरीका है।

क्या मुलेठी रोज़ ले सकते हैं?

लंबे समय तक रोज़ अधिक मात्रा में लेना उचित नहीं है, क्योंकि इससे रक्तचाप और पोटैशियम प्रभावित हो सकते हैं। कम मात्रा में, कुछ दिनों के लिए लेना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

क्या मुलेठी हर किसी के लिए सुरक्षित है?

सीमित मात्रा में अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित। उच्च रक्तचाप, किडनी की समस्या वाले व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को लंबे समय तक बिना सलाह के नहीं लेनी चाहिए।

DGL मुलेठी क्या होती है?

DGL यानी डीग्लिसिरिज़िनेटेड मुलेठी, जिसमें रक्तचाप को प्रभावित करने वाला ग्लिसिरिज़िन तत्व कम कर दिया जाता है। इसे पेट और अम्लता संबंधी उपयोग के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

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