आयुर्वेद · Routine

Jala Neti (Nasal Cleansing) (जल नेति)

परिचय

जल नेति नेति पात्र — एक छोटा, टोंटीदार पात्र — का उपयोग करके गुनगुने नमकीन पानी से नासिका मार्ग को साफ करने की प्रथा है, जिसमें पानी को धीरे से एक नथुने में डाला जाता है ताकि वह दूसरे नथुने से बाहर निकले। यह शास्त्रीय योग और आयुर्वेद में साझा षट्कर्म (छह शुद्धि क्रियाओं) परंपरा से आती है, और इसे उन प्रथाओं में रखा गया है जो श्वास अभ्यास या दिन की बाकी दिनचर्या से पहले शरीर के ऊपरी मार्गों को साफ करने के लिए हैं। पारंपरिक तर्क नाक को प्राण (श्वास/जीवनशक्ति) और कफ से निकटता से जोड़ता है, क्योंकि नाक की जकड़न को कफ-संबंधी लक्षण माना जाता है। जल नेति सबसे अधिक मौसमी जकड़न, एलर्जी के मौसम में, या धूल-भरे या प्रदूषित वातावरण में रहने वालों के लिए नियमित दिनचर्या के भाग के रूप में सुझाई जाती है, और पारंपरिक रूप से नस्य (नथुनों में औषधीय तेल लगाना) से पहले की जाती है, जो एक संबंधित परंतु अलग प्रथा है।

लाभ

इसके पारंपरिक लाभों का विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी पृष्ठ पर उपलब्ध है।

सूचना: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप गर्भवती हैं, दवा ले रहे हैं, या किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं।

संस्कृत पाठ, विस्तृत उपयोग विधि और अंग्रेज़ी व्याख्या के लिए अंग्रेज़ी पृष्ठ पढ़ें। अन्य विषयों के लिए हिंदी आयुर्वेद संग्रह पर जाएँ।

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