आयुर्वेद
आयुर्वेद — जीवन का विज्ञान
आयुर्वेद भारत की पारंपरिक चिकित्सा और जीवनशैली पद्धति है, जो संतुलन पर आधारित है — दोषों (वात, पित्त, कफ), पाचन शक्ति (अग्नि) और दैनिक दिनचर्या का संतुलन। यह संग्रह एक शैक्षिक परिचय है: मूल सिद्धांत, सामान्य जड़ी-बूटियाँ और उनके पारंपरिक उपयोग, दैनिक और ऋतु अनुसार दिनचर्या, तथा शास्त्रों के कुछ श्लोक।
यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह नहीं है। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को शुरू करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से सलाह लें।
दोष और मूल सिद्धांत
Agni (Digestive Fire) (अग्नि)
अग्नि का शाब्दिक अर्थ है आग, और आयुर्वेद में यह शरीर की पाचन और चयापचय क्षमता को दर्शाता है — केवल
पूरा पढ़ें →DoshaKapha Dosha (कफ दोष)
कफ त्रिदोषों में तीसरा दोष है, जो पृथ्वी और जल तत्वों से बना है। यह शरीर की संरचना और स्थिरता को
पूरा पढ़ें →ConceptOjas (Vital Essence) (ओजस्)
ओजस् को आयुर्वेद में पाचन की सबसे सूक्ष्म और परिष्कृत उपज बताया गया है, जो तभी बनती है जब भोजन सभी
पूरा पढ़ें →DoshaPitta Dosha (पित्त दोष)
पित्त त्रिदोषों में दूसरा दोष है, जो अग्नि और जल तत्वों से बना है। यह शरीर की हर परिवर्तन
पूरा पढ़ें →ConceptPrakriti (Body Constitution) (प्रकृति)
प्रकृति किसी व्यक्ति में वात, पित्त और कफ के उस विशिष्ट संयोजन को दर्शाती है जो जन्म के समय
पूरा पढ़ें →DoshaVata Dosha (वात दोष)
वात त्रिदोषों में से एक है, जो वायु और आकाश तत्वों से बना है। जहाँ पित्त परिवर्तन को नियंत्रित करता
पूरा पढ़ें →जड़ी-बूटियाँ और घरेलू उपचार
Amla (Indian Gooseberry) (आमलकी)
आमलकी (एम्ब्लिका ऑफिसिनैलिस / फिलैंथस एम्ब्लिका), जिसे हिंदी में आँवला कहा जाता है, एक छोटा, खट्टा
पूरा पढ़ें →HerbAshwagandha (अश्वगंधा)
अश्वगंधा (विथानिया सोम्निफेरा) एक छोटा झाड़ीनुमा पौधा है जिसकी जड़ आयुर्वेद में सबसे अधिक प्रयोग
पूरा पढ़ें →HerbBrahmi (ब्राह्मी)
ब्राह्मी (सामान्यतः बकोपा मोनियेरी, हालाँकि यह नाम कभी-कभी सेंटेला एशियाटिका/मंडूकपर्णी के लिए भी
पूरा पढ़ें →HerbCinnamon (त्वक्)
दालचीनी (सिनामोमम वेरम/कैसिया), जिसे संस्कृत में त्वक् (शाब्दिक अर्थ "छाल") कहा जाता है, एक
पूरा पढ़ें →HerbGinger (शुण्ठी / आर्द्रक)
अदरक (ज़िंजिबर ऑफिसिनेल) आयुर्वेद में एक विशेष स्थान रखता है: इसके ताज़े रूप (आर्द्रक) और सूखे रूप
पूरा पढ़ें →HerbGuduchi (Giloy) (गुडूची)
गुडूची (टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया), जिसे हिंदी में गिलोय के नाम से जाना जाता है, एक हृदयाकार पत्तों
पूरा पढ़ें →HerbLicorice (Mulethi) (यष्टिमधु)
मुलेठी (ग्लाइसिराइज़ा ग्लैब्रा), जिसे संस्कृत में यष्टिमधु ("मीठी छड़ी") कहा जाता है, एक जड़ी-बूटी
पूरा पढ़ें →HerbNeem (निम्ब)
नीम (आज़ादिरख्ता इंडिका) एक तेज़ी से बढ़ने वाला वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप में सर्वत्र पाया जाता
पूरा पढ़ें →HerbShatavari (शतावरी)
शतावरी (एस्पेरागस रेसीमोसस) एक बेल जैसा पौधा है जिसकी जड़ आयुर्वेद में स्त्री स्वास्थ्य के लिए
पूरा पढ़ें →HerbTriphala (त्रिफला)
त्रिफला का अर्थ है "तीन फल" — यह कोई एक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि आमलकी (आँवला), बिभीतकी और हरीतकी का
पूरा पढ़ें →HerbTulsi (Holy Basil) (तुलसी)
तुलसी (ऑसिमम टेन्युइफ्लोरम) भारतीय जीवन में दोहरा स्थान रखती है — अनेक हिंदू घरों में इसे तुलसी
पूरा पढ़ें →HerbTurmeric (हरिद्रा)
हल्दी (कुरकुमा लोंगा), जिसे संस्कृत में हरिद्रा कहा जाता है, एक कंद है जो भारत की रसोई और
पूरा पढ़ें →दिनचर्या और ऋतुचर्या
Abhyanga (Oil Self-Massage) (अभ्यंग)
अभ्यंग शरीर पर गर्म तेल से मालिश करने की प्रथा है, जो पारंपरिक रूप से दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है
पूरा पढ़ें →RoutineAyurveda for Better Sleep (निद्रा)
निद्रा शास्त्रीय आयुर्वेद के त्रयोपस्तंभ में से एक है, आहार और अनुशासित जीवन के साथ — इसे उतना ही
पूरा पढ़ें →RoutineAyurvedic Diet Basics (आहार)
आहार आयुर्वेद के त्रयोपस्तंभ — यानी स्वास्थ्य के तीन उप-आधारों — में से एक है, नींद और अनुशासित
पूरा पढ़ें →RoutineDinacharya (Daily Routine) (दिनचर्या)
दिनचर्या का अर्थ है "दैनिक क्रम," और आयुर्वेद में यह दिनभर की एक संरचित क्रमबद्ध प्रक्रिया को
पूरा पढ़ें →RoutineJala Neti (Nasal Cleansing) (जल नेति)
जल नेति नेति पात्र — एक छोटा, टोंटीदार पात्र — का उपयोग करके गुनगुने नमकीन पानी से नासिका मार्ग को
पूरा पढ़ें →RoutineOil Pulling (Gandusha) (गण्डूष / कवल)
ऑयल पुलिंग दो संबंधित शास्त्रीय प्रथाओं को दर्शाता है: गण्डूष, जिसमें तेल को बिना हिलाए मुँह में
पूरा पढ़ें →RoutineRitucharya (Seasonal Routine) (ऋतुचर्या)
ऋतुचर्या का अर्थ है "ऋतु के अनुसार दिनचर्या" — यह शास्त्रीय आयुर्वेदिक अभ्यास है जिसमें आहार,
पूरा पढ़ें →RoutineTongue Scraping (Jihwa Prakshalana) (जिह्वा प्रक्षालन)
जिह्वा प्रक्षालन, यानी जीभ खुरचना, आयुर्वेदिक दिनचर्या के सबसे सरल और सबसे व्यापक रूप से अपनाई
पूरा पढ़ें →शास्त्रों से
The Definition of Health (स्वास्थ्य की परिभाषा)
यह श्लोक सुश्रुत संहिता के सूत्रस्थान से है (सामान्यतः श्लोक 15.41 के आसपास बताया जाता है, संस्करणों
पूरा पढ़ें →Classical TextThe Purpose of Ayurveda (आयुर्वेद का प्रयोजन)
यह चरक संहिता के प्रारंभिक अध्याय (सूत्रस्थान) से आयुर्वेदिक साहित्य की सबसे अधिक उद्धृत पंक्तियों
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