आयुर्वेद · Herb

Guduchi (Giloy) (गुडूची)

परिचय

गुडूची (टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया), जिसे हिंदी में गिलोय के नाम से जाना जाता है, एक हृदयाकार पत्तों वाली बेल है जिसका तना आयुर्वेद के सबसे सम्मानित रसायन औषधियों में से एक है। इसके संस्कृत नामों में से एक, अमृता, का अर्थ है "अमरता का रस" — यह नाम इसके कायाकल्प और सुरक्षात्मक गुणों के प्रति पारंपरिक रूप से अत्यंत उच्च सम्मान को दर्शाता है। गुडूची को कड़वे और कषाय रस वाली, उष्ण गुण वाली औषधि माना गया है, जो पारंपरिक रूप से शरीर की सामान्य रोग-प्रतिरोधक क्षमता, बुखार के बाद स्वास्थ्य-लाभ और स्वस्थ पाचन के लिए प्रयोग की जाती है। इसे तीनों दोषों के लिए संतुलक माना जाता है, और हाल के वर्षों में मौसमी बीमारियों के दौरान सामान्य प्रतिरक्षा सहायता के लिए एक व्यापक रूप से प्रयुक्त घरेलू जड़ी-बूटी के रूप में विशेष रूप से प्रसिद्ध हुई।

लाभ

इसके पारंपरिक लाभों का विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी पृष्ठ पर उपलब्ध है।

सूचना: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप गर्भवती हैं, दवा ले रहे हैं, या किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं।

संस्कृत पाठ, विस्तृत उपयोग विधि और अंग्रेज़ी व्याख्या के लिए अंग्रेज़ी पृष्ठ पढ़ें। अन्य विषयों के लिए हिंदी आयुर्वेद संग्रह पर जाएँ।

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