आयुर्वेद · Herb
Licorice (Mulethi) (यष्टिमधु)
परिचय
मुलेठी (ग्लाइसिराइज़ा ग्लैब्रा), जिसे संस्कृत में यष्टिमधु ("मीठी छड़ी") कहा जाता है, एक जड़ी-बूटी है जिसे आयुर्वेद में मुख्यतः उसके सुखदायक, कोमल गुणों के लिए महत्व दिया जाता है। इसके संस्कृत नाम का सीधा संबंध इसके स्वाद से है — यह पारंपरिक औषधि-सूची में सबसे मीठे पदार्थों में से एक है — और आयुर्वेद में मिठास को केवल स्वाद नहीं बल्कि पोषक और शांतिदायक गुणों से जोड़ा जाता है। यष्टिमधु को मीठे रस और शीतल गुण वाली औषधि माना गया है, जो इसे वात और पित्त शामक बनाता है। इसे पारंपरिक रूप से गले की जलन, सूखी खाँसी, और पेट की परत को सुखदायक सहारा देने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे एक हल्का रसायन भी माना जाता है, जिसकी विशेष प्रतिष्ठा आवाज़ को सहायता देने के लिए है — इसीलिए शास्त्रों में इसे गायकों और वक्ताओं के लिए विशेष रूप से सुझाया गया है।
लाभ
इसके पारंपरिक लाभों का विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी पृष्ठ पर उपलब्ध है।
सूचना: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप गर्भवती हैं, दवा ले रहे हैं, या किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं।
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