आयुर्वेद · Herb
Shatavari (शतावरी)
परिचय
शतावरी (एस्पेरागस रेसीमोसस) एक बेल जैसा पौधा है जिसकी जड़ आयुर्वेद में स्त्री स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण शास्त्रीय औषधियों में से एक मानी जाती है। इसके संस्कृत नाम का पारंपरिक अर्थ "सौ जड़ों वाली" बताया जाता है, और कुछ व्याख्याओं में "सौ पतियों वाली" भी — जो जीवन के विभिन्न चरणों में जीवनशक्ति और प्रजनन स्वास्थ्य को सहारा देने वाली औषधि के रूप में इसकी प्रतिष्ठा को दर्शाता है। शतावरी को मीठे और हल्के कड़वे रस वाली, शीतल गुण वाली औषधि माना गया है, और इसे रसायन वर्ग में रखा गया है जो पारंपरिक रूप से प्रजनन ऊतकों को पोषण देने, हार्मोनल संतुलन में सहायता करने और स्तनपान कराने वाली माताओं में दुग्धवृद्धि हेतु प्रयोग की जाती है। इसे वात और पित्त शामक माना जाता है, और इसे स्त्री स्वास्थ्य से परे भी कमज़ोर या दुबले व्यक्तियों के लिए सामान्य पोषक टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है।
लाभ
इसके पारंपरिक लाभों का विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी पृष्ठ पर उपलब्ध है।
सूचना: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप गर्भवती हैं, दवा ले रहे हैं, या किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं।
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