आयुर्वेद · Herb
Tulsi (Holy Basil) (तुलसी)
परिचय
तुलसी (ऑसिमम टेन्युइफ्लोरम) भारतीय जीवन में दोहरा स्थान रखती है — अनेक हिंदू घरों में इसे तुलसी वृंदावन में लगाया जाता है और देवी तुलसी से जुड़े धार्मिक महत्व के कारण प्रतिदिन पूजा जाता है, और साथ ही यह घरेलू आयुर्वेदिक उपचारों में सबसे अधिक प्रयोग होने वाली जड़ी-बूटियों में से एक है, विशेष रूप से खाँसी, ज़ुकाम और मौसमी श्वास संबंधी शिकायतों के लिए। आयुर्वेद में तुलसी को तीखे और कड़वे रस तथा उष्ण गुण वाली औषधि माना गया है, जो कास-श्वासहर वर्ग में आती है — यानी पारंपरिक रूप से खाँसी और श्वास संबंधी असुविधा के लिए प्रयोग की जाती है — और इसे रसायन गुणों वाली भी बताया गया है, जो दैनिक तनाव के प्रति शरीर की सहनशीलता में सहायक मानी जाती है। तुलसी की चाय आज विश्वभर में सबसे अधिक पहचानी जाने वाली आयुर्वेदिक तैयारियों में से एक बन चुकी है।
लाभ
इसके पारंपरिक लाभों का विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी पृष्ठ पर उपलब्ध है।
सूचना: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी जड़ी-बूटी या अभ्यास को अपनाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप गर्भवती हैं, दवा ले रहे हैं, या किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त हैं।
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