भगवद्गीता
भगवद्गीता — 18 अध्याय
प्रत्येक श्लोक पृष्ठ में मूल संस्कृत श्लोक, उच्चारण और हिंदी अर्थ शामिल है। पूर्ण विस्तृत व्याख्या के लिए, कृपया अंग्रेज़ी संस्करण देखें।
भगवद्गीता को समझने के लिए किसी एक प्रसिद्ध श्लोक को अलग से याद करने के बजाय उसके अध्याय और संवाद का संदर्भ देखना उपयोगी है। यहाँ उपलब्ध प्रत्येक श्लोक में संस्कृत पाठ, उच्चारण और हिंदी अर्थ दिया गया है। विस्तृत व्याख्या के लिए संबंधित अंग्रेज़ी पृष्ठ भी पढ़ें।
गीता में कर्तव्य, कर्म, भक्ति, ध्यान, आत्मा, प्रकृति और मुक्ति जैसे विषय क्रमशः विकसित होते हैं। एक श्लोक चुनकर कुछ दिनों तक उसका अर्थ पढ़ें, अपने जीवन की किसी परिस्थिति से जोड़ें और देखें कि वह आपको अधिक धैर्य, विवेक या करुणा कैसे सिखाता है।
अध्यायों की सूची से किसी उपलब्ध अध्याय को चुनकर श्लोकों का क्रम देखें। संस्कृत पाठ को धीरे-धीरे पढ़ें और उच्चारण समझने के लिए लिप्यंतरण का सहारा लें। हिंदी अर्थ पढ़ने के बाद अपने शब्दों में उसका भाव लिखना अध्ययन को याद रखने में मदद करता है। यदि किसी श्लोक का विस्तृत संदर्भ चाहिए तो उसी क्रमांक वाले अंग्रेज़ी पृष्ठ पर जाएँ, जहाँ व्याख्या और जीवन-पाठ भी दिया गया है।
भगवद्गीता को केवल परीक्षा, उद्धरण या त्वरित समाधान के रूप में न पढ़ें। यह अर्जुन और कृष्ण का गहरा संवाद है, जिसमें संकट के बीच विवेक, जिम्मेदारी, आत्मज्ञान और भक्ति पर विचार किया गया है। अलग-अलग परंपराओं में अनुवाद और व्याख्या की भाषा बदल सकती है; इसलिए किसी एक पंक्ति को पूरे ग्रंथ का अकेला निष्कर्ष न मानकर अध्याय के प्रवाह के साथ पढ़ें।