कैलेंडर · 7 जनवरी से 27 दिसंबर 2027

अमावस्या 2027 लिस्ट: सभी 13 अमावस्या, सोमवती और मौनी अमावस्या की तिथि

2027 में कुल 13 अमावस्या हैं। पहली अमावस्या पौष अमावस्या गुरुवार, 7 जनवरी 2027 को और आख़िरी पौष अमावस्या सोमवार, 27 दिसंबर 2027 को है। तीन सोमवती अमावस्या हैं — 8 मार्च, 2 अगस्त और 27 दिसंबर। मौनी अमावस्या 6 फ़रवरी, सर्वपितृ अमावस्या 29 सितंबर और दिवाली की अमावस्या 29 अक्टूबर को है।

अमावस्या 2027: एक नज़र में

कुल अमावस्या13
मौनी अमावस्याशनिवार, 6 फ़रवरी 2027
सोमवती अमावस्या8 मार्च, 2 अगस्त और 27 दिसंबर 2027
वट सावित्री व्रत / शनि जयंतीशुक्रवार, 4 जून 2027
सर्वपितृ अमावस्याबुधवार, 29 सितंबर 2027
दिवाली (कार्तिक अमावस्या)शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027

तिथियाँ नई दिल्ली के अनुसार हैं; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है, इसलिए व्रत से पहले स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

अमावस्या हिंदू पंचांग में कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन है, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता। यह दिन पितरों के तर्पण, स्नान-दान और साधना के लिए विशेष माना जाता है। नीचे 2027 की सभी 13 अमावस्याओं की सूची है। तिथियाँ ड्रिक पंचांग में नई दिल्ली के लिए दी गई गणना से ली गई हैं और समय IST में हैं; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

अमावस्या 2027 लिस्ट

क्र. अमावस्या तिथि (2027) अमावस्या तिथि आरंभ तिथि समाप्त विशेष
1 गुरुवार, 7 जनवरी पौष अमावस्या 6 जन., रात 11:13 8 जन., रात 1:53 —
2 शनिवार, 6 फ़रवरी माघ अमावस्या 5 फ़र., शाम 7:05 6 फ़र., रात 9:25 मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या
3 सोमवार, 8 मार्च (दर्श: रविवार, 7 मार्च) फाल्गुन अमावस्या 7 मार्च, दोपहर 1:46 8 मार्च, दोपहर 2:58 सोमवती अमावस्या
4 मंगलवार, 6 अप्रैल चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल, सुबह 5:40 7 अप्रैल, सुबह 5:20 7 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि
5 गुरुवार, 6 मई वैशाख अमावस्या 5 मई, शाम 6:16 6 मई, शाम 4:27 —
6 शुक्रवार, 4 जून ज्येष्ठ अमावस्या 4 जून, सुबह 4:05 5 जून, रात 1:09 वट सावित्री व्रत, शनि जयंती
7 रविवार, 4 जुलाई (दर्श: शनिवार, 3 जुलाई) आषाढ़ अमावस्या 3 जुलाई, दोपहर 12:05 4 जुलाई, सुबह 8:31 —
8 सोमवार, 2 अगस्त श्रावण अमावस्या 1 अगस्त, शाम 7:19 2 अगस्त, दोपहर 3:34 सोमवती अमावस्या
9 मंगलवार, 31 अगस्त भाद्रपद अमावस्या 31 अगस्त, रात 2:40 31 अगस्त, रात 11:10 —
10 गुरुवार, 30 सितंबर (दर्श: बुधवार, 29 सितंबर) आश्विन अमावस्या 29 सितंबर, सुबह 10:54 30 सितंबर, सुबह 8:05 सर्वपितृ अमावस्या 29 सितंबर
11 शुक्रवार, 29 अक्टूबर कार्तिक अमावस्या 28 अक्टूबर, रात 8:47 29 अक्टूबर, शाम 7:05 दिवाली, लक्ष्मी पूजा
12 रविवार, 28 नवंबर (दर्श: शनिवार, 27 नवंबर) मार्गशीर्ष अमावस्या 27 नवंबर, सुबह 9:07 28 नवंबर, सुबह 8:53 —
13 सोमवार, 27 दिसंबर पौष अमावस्या 27 दिसंबर, रात 12:22 28 दिसंबर, रात 1:41 सोमवती अमावस्या

महीनों के नाम उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार हैं। अमांत पंचांग (गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत) में वही अमावस्या पिछले महीने के नाम से जानी जाती है — जैसे दिवाली की अमावस्या वहाँ आश्विन अमावस्या कहलाती है — पर तारीख़ नहीं बदलती।

2027 की विशेष अमावस्या

  • सोमवती अमावस्या (8 मार्च, 2 अगस्त, 27 दिसंबर): सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या पर पवित्र स्नान, शिव पूजा और पीपल की परिक्रमा का विशेष महत्व है। शिव पूजा की विधि के लिए सोमवार व्रत कथा देखें।
  • मौनी अमावस्या (6 फ़रवरी): माघ मास की अमावस्या, जिस दिन मौन रखकर स्नान-दान किया जाता है। 2027 में यह शनिवार को है, इसलिए शनि अमावस्या भी है।
  • ज्येष्ठ अमावस्या (4 जून): उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत और शनि जयंती।
  • सर्वपितृ अमावस्या (29 सितंबर): पितृ पक्ष (16 से 29 सितंबर) का अंतिम दिन, जब सभी पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है।
  • कार्तिक अमावस्या (29 अक्टूबर): दिवाली और लक्ष्मी पूजा की रात।

ड्रिक पंचांग 6 फ़रवरी और 2 अगस्त 2027 को सूर्य ग्रहण भी दिखाता है। ग्रहण आपके शहर में दिखेगा या नहीं और सूतक लगेगा या नहीं, यह स्थान पर निर्भर करता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

2027 की सभी पूर्णिमा के लिए पूर्णिमा 2027 लिस्ट और सभी त्योहारों के लिए हिंदू कैलेंडर 2027 देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कितनी अमावस्या हैं?

2027 में कुल 13 अमावस्या हैं — 7 जनवरी की पौष अमावस्या से 27 दिसंबर की पौष अमावस्या तक (नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार)।

सोमवती अमावस्या 2027 कब है?

2027 में तीन सोमवती अमावस्या हैं — 8 मार्च (फाल्गुन अमावस्या), 2 अगस्त (श्रावण अमावस्या) और 27 दिसंबर (पौष अमावस्या)।

मौनी अमावस्या 2027 कब है?

मौनी अमावस्या (माघ अमावस्या) शनिवार, 6 फ़रवरी 2027 को है। अमावस्या तिथि 5 फ़रवरी शाम 7:05 बजे से 6 फ़रवरी रात 9:25 बजे तक है। शनिवार होने से यह शनि अमावस्या भी है।

सर्वपितृ अमावस्या 2027 कब है?

पितृ पक्ष का अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या बुधवार, 29 सितंबर 2027 को है। अमावस्या तिथि 29 सितंबर सुबह 10:54 बजे से 30 सितंबर सुबह 8:05 बजे तक है, और 30 सितंबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी।

दर्श अमावस्या और अमावस्या में क्या अंतर है?

दर्श अमावस्या व्रत और कुछ अनुष्ठानों का दिन है। जब अमावस्या तिथि दोपहर बाद शुरू होती है, तो दर्श अमावस्या स्नान-दान वाली अमावस्या से एक दिन पहले पड़ती है। 2027 में ऐसा मार्च, जुलाई, सितंबर और नवंबर में है।

अमावस्या पर क्या करना चाहिए?

अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध, पवित्र स्नान, दान, पीपल के नीचे दीपक जलाना और शिव या शनि देव की पूजा की जाती है। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश जैसे नए शुभ कार्य प्रायः नहीं किए जाते।

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