कैलेंडर · 3 जनवरी से 23 दिसंबर 2027

एकादशी 2027 लिस्ट: सभी 25 एकादशी की तिथि, पारण समय और नाम

2027 में कुल 25 एकादशी हैं। साल की पहली एकादशी सफला एकादशी रविवार, 3 जनवरी 2027 को और आख़िरी एकादशी फिर से सफला एकादशी गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 को है। निर्जला एकादशी 14 जून, देवशयनी एकादशी 14 जुलाई और देवउठनी एकादशी 10 नवंबर को है। तिथियाँ नई दिल्ली के अनुसार हैं; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

एकादशी 2027: एक नज़र में

कुल एकादशी25 (सफला एकादशी दो बार)
पहली एकादशीसफला एकादशी — रविवार, 3 जनवरी 2027
निर्जला एकादशीसोमवार, 14 जून 2027
देवशयनी एकादशी (चातुर्मास आरंभ)बुधवार, 14 जुलाई 2027
देवउठनी एकादशी (चातुर्मास समाप्त)बुधवार, 10 नवंबर 2027
आख़िरी एकादशीसफला एकादशी — गुरुवार, 23 दिसंबर 2027

तिथियाँ नई दिल्ली के अनुसार हैं; दूसरे शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है, इसलिए व्रत से पहले स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

एकादशी भगवान विष्णु का व्रत है, जो हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को रखा जाता है। नीचे 2027 की सभी 25 एकादशियों की सूची दी गई है। तिथियाँ ड्रिक पंचांग में नई दिल्ली के लिए दी गई स्मार्त गणना से ली गई हैं और समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों और विदेश में तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। जहाँ ड्रिक पंचांग वैष्णव या गौण एकादशी की अलग तिथि दिखाता है, वह भी लिखी गई है।

एकादशी 2027 लिस्ट — तिथि और नाम

क्र. तिथि (2027) एकादशी माह और पक्ष वैष्णव / टिप्पणी
1 रविवार, 3 जनवरी सफला एकादशी पौष, कृष्ण —
2 सोमवार, 18 जनवरी पौष पुत्रदा एकादशी पौष, शुक्ल वैष्णव व गौण: मंगलवार, 19 जनवरी
3 मंगलवार, 2 फ़रवरी षटतिला एकादशी माघ, कृष्ण —
4 बुधवार, 17 फ़रवरी जया एकादशी माघ, शुक्ल —
5 गुरुवार, 4 मार्च विजया एकादशी फाल्गुन, कृष्ण —
6 गुरुवार, 18 मार्च आमलकी एकादशी फाल्गुन, शुक्ल —
7 शुक्रवार, 2 अप्रैल पापमोचनी एकादशी चैत्र, कृष्ण —
8 शनिवार, 17 अप्रैल कामदा एकादशी चैत्र, शुक्ल —
9 रविवार, 2 मई वरूथिनी एकादशी वैशाख, कृष्ण —
10 रविवार, 16 मई मोहिनी एकादशी वैशाख, शुक्ल —
11 मंगलवार, 1 जून अपरा एकादशी ज्येष्ठ, कृष्ण —
12 सोमवार, 14 जून निर्जला एकादशी ज्येष्ठ, शुक्ल —
13 बुधवार, 30 जून योगिनी एकादशी आषाढ़, कृष्ण —
14 बुधवार, 14 जुलाई देवशयनी एकादशी आषाढ़, शुक्ल चातुर्मास आरंभ
15 गुरुवार, 29 जुलाई कामिका एकादशी श्रावण, कृष्ण वैष्णव व गौण: शुक्रवार, 30 जुलाई
16 गुरुवार, 12 अगस्त श्रावण पुत्रदा एकादशी श्रावण, शुक्ल —
17 शनिवार, 28 अगस्त अजा एकादशी भाद्रपद, कृष्ण —
18 शनिवार, 11 सितंबर परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी भाद्रपद, शुक्ल —
19 रविवार, 26 सितंबर इंदिरा एकादशी आश्विन, कृष्ण पितृ पक्ष में
20 सोमवार, 11 अक्टूबर पापांकुशा एकादशी आश्विन, शुक्ल —
21 सोमवार, 25 अक्टूबर रमा एकादशी कार्तिक, कृष्ण वैष्णव: मंगलवार, 26 अक्टूबर
22 बुधवार, 10 नवंबर देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी कार्तिक, शुक्ल चातुर्मास समाप्त
23 बुधवार, 24 नवंबर उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष, कृष्ण —
24 गुरुवार, 9 दिसंबर मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष, शुक्ल गीता जयंती
25 गुरुवार, 23 दिसंबर सफला एकादशी पौष, कृष्ण —

महीनों के नाम उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार हैं। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के अमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष की एकादशी पिछले महीने के नाम से जानी जाती है, पर व्रत का दिन वही रहता है।

एकादशी 2027: तिथि का समय और पारण (नई दिल्ली)

एकादशी तिथि आरंभ तिथि समाप्त पारण (व्रत खोलने का समय)
सफला 2 जन., दोपहर 2:24 3 जन., शाम 4:08 4 जन., सुबह 7:15 – 9:19
पौष पुत्रदा 18 जन., सुबह 10:26 19 जन., सुबह 7:49 19 जन., दोपहर 1:35 – 3:42 (गौण: 20 जन., सुबह 7:14 – 9:21)
षटतिला 1 फ़र., सुबह 8:41 2 फ़र., सुबह 11:10 3 फ़र., सुबह 7:08 – 9:19
जया 16 फ़र., रात 8:19 17 फ़र., शाम 5:31 18 फ़र., सुबह 6:57 – 9:12
विजया 3 मार्च, सुबह 4:44 4 मार्च, सुबह 7:24 5 मार्च, सुबह 6:42 – 9:03
आमलकी 18 मार्च, सुबह 4:21 19 मार्च, रात 1:51 19 मार्च, सुबह 7:12 – 8:52
पापमोचनी 2 अप्रैल, रात 12:45 3 अप्रैल, रात 2:51 3 अप्रैल, दोपहर 1:40 – 4:10
कामदा 16 अप्रैल, सुबह 11:21 17 अप्रैल, सुबह 9:27 18 अप्रैल, सुबह 5:53 – 7:42
वरूथिनी 1 मई, शाम 6:53 2 मई, शाम 7:51 3 मई, सुबह 5:39 – 8:19
मोहिनी 15 मई, शाम 6:17 16 मई, शाम 5:13 17 मई, सुबह 5:29 – 8:13
अपरा 31 मई, सुबह 10:02 1 जून, सुबह 9:39 2 जून, सुबह 5:24 – 8:10
निर्जला 14 जून, रात 2:11 15 जून, रात 2:07 15 जून, दोपहर 1:45 – 4:33
योगिनी 29 जून, रात 10:03 30 जून, रात 8:30 1 जुलाई, सुबह 5:27 – 8:14
देवशयनी 13 जुलाई, दोपहर 12:08 14 जुलाई, दोपहर 1:10 15 जुलाई, सुबह 5:33 – 8:19
कामिका 29 जुलाई, सुबह 7:33 30 जुलाई, सुबह 5:12 30 जुलाई, दोपहर 1:49 – 4:31 (गौण: 31 जुलाई, सुबह 5:42 – 8:24)
श्रावण पुत्रदा 12 अगस्त, रात 12:58 13 अगस्त, रात 2:59 13 अगस्त, दोपहर 1:45 – 4:24
अजा 27 अगस्त, दोपहर 3:25 28 अगस्त, दोपहर 12:42 29 अगस्त, सुबह 5:57 – 8:31
परिवर्तिनी 10 सितंबर, शाम 5:00 11 सितंबर, शाम 7:35 12 सितंबर, सुबह 6:04 – 8:33
इंदिरा 25 सितंबर, रात 10:30 26 सितंबर, शाम 7:49 27 सितंबर, सुबह 6:12 – 8:36
पापांकुशा 10 अक्टूबर, सुबह 11:40 11 अक्टूबर, दोपहर 2:08 12 अक्टूबर, सुबह 6:20 – 8:39
रमा 25 अक्टूबर, सुबह 5:40 26 अक्टूबर, रात 3:22 26 अक्टूबर, दोपहर 1:12 – 3:27 (वैष्णव: 27 अक्टूबर, सुबह 6:29 – 8:43)
देवउठनी 9 नवंबर, सुबह 7:34 10 नवंबर, सुबह 9:11 11 नवंबर, सुबह 6:40 – 8:50
उत्पन्ना 23 नवंबर, दोपहर 1:44 24 नवंबर, दोपहर 12:11 25 नवंबर, सुबह 6:51 – 8:58
मोक्षदा 9 दिसंबर, रात 2:58 10 दिसंबर, रात 3:19 10 दिसंबर, दोपहर 1:16 – 3:20
सफला 22 दिसंबर, रात 11:40 23 दिसंबर, रात 11:11 24 दिसंबर, सुबह 7:11 – 9:15

“रात 2:11” जैसे समय उस तारीख़ की आधी रात के बाद के हैं। कुछ एकादशियों का पारण दोपहर में है, क्योंकि उन दिनों हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) सुबह देर तक रहता है और मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी

जब एकादशी तिथि दो सूर्योदय को छूती है, तो दो तिथियाँ बन जाती हैं। गृहस्थ (स्मार्त) पहले दिन व्रत रखते हैं, जबकि संन्यासी और वैष्णव संप्रदाय (जैसे इस्कॉन) अक्सर दूसरे दिन। 2027 में ड्रिक पंचांग ने पौष पुत्रदा (19 जनवरी), कामिका (30 जुलाई) और रमा एकादशी (26 अक्टूबर) के लिए दूसरी तिथि दी है। इस्कॉन का अपना कैलेंडर अलग भी हो सकता है, इसलिए अपने मंदिर की सूची का पालन करें।

एकादशी व्रत कैसे रखें

  1. दशमी: सूर्यास्त से पहले एक बार सात्विक भोजन करें, रात में अन्न न लें।
  2. एकादशी: स्नान के बाद संकल्प लें, तुलसी दल से भगवान विष्णु की पूजा करें, चावल और सभी अनाज से परहेज़ करें। अपनी शक्ति के अनुसार निर्जल, फलाहार या एक समय फलाहार व्रत रखें।
  3. कथा: एकादशी व्रत कथा, उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा और मोक्षदा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  4. द्वादशी: ऊपर दिए पारण समय में तुलसी जल और सात्विक भोजन से व्रत खोलें।

गर्भवती महिलाएँ, बुज़ुर्ग, बच्चे और बीमार लोग हल्का व्रत रखें या केवल पूजा और कथा से एकादशी मनाएँ। 2027 के सभी त्योहारों के लिए हिंदू कैलेंडर 2027 देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कितनी एकादशी हैं?

2027 में कुल 25 एकादशी हैं। सामान्यतः एक साल में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन 2027 में पौष कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी दो बार आती है — 3 जनवरी और 23 दिसंबर को।

2027 की पहली एकादशी कब है?

2027 की पहली एकादशी सफला एकादशी रविवार, 3 जनवरी को है। एकादशी तिथि 2 जनवरी दोपहर 2:24 बजे से 3 जनवरी शाम 4:08 बजे तक है और पारण 4 जनवरी सुबह 7:15 से 9:19 बजे के बीच होगा (नई दिल्ली)।

निर्जला एकादशी 2027 कब है?

निर्जला एकादशी सोमवार, 14 जून 2027 को है। एकादशी तिथि 14 जून रात 2:11 बजे से 15 जून रात 2:07 बजे तक है और पारण 15 जून दोपहर 1:45 से शाम 4:33 बजे के बीच होगा।

देवउठनी एकादशी 2027 कब है?

देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी बुधवार, 10 नवंबर 2027 को है। पारण 11 नवंबर सुबह 6:40 से 8:50 बजे तक है और तुलसी विवाह भी 11 नवंबर को है।

कुछ कैलेंडर में एकादशी की तारीख़ अलग क्यों होती है?

जब एकादशी तिथि दो सूर्योदय को छूती है, तो स्मार्त (गृहस्थ) पहले दिन और वैष्णव (इस्कॉन आदि) अक्सर दूसरे दिन व्रत रखते हैं। 2027 में ऐसा पौष पुत्रदा (18/19 जनवरी), कामिका (29/30 जुलाई) और रमा एकादशी (25/26 अक्टूबर) पर है।

एकादशी का पारण कब करना चाहिए?

पारण अगले दिन द्वादशी को सूर्योदय के बाद, हरि वासर समाप्त होने पर और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले किया जाता है। हर एकादशी का पारण समय इस पृष्ठ की तालिका में दिया गया है।

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